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तेजस्विनी समूह की महिलाओं द्वारा मनाया गया महिला दिवस

कौमी एकता सप्ताह 19 से 25 नवंबर 09
तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम अंतर्गत लोकेशन रैयपुरा में महिला दिवस मनाया गया। मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेशानुसार कौमी एकता सप्ताह जो कि 19 से 25 नवंबर 2009 तक मनाया जाना है, इसी क्रम में आज ग्राम रैयपुरा में महिला दिवस मनाया गया जिसमें आठ क्लस्टर के ग्राम सलैया, आमाखोह, रैयपुरा, बरौदा, बरौंदी, टिकरिया, लालपुर के तेजस्विनी स्वसहायता समूह एवं ग्राम की अन्य महिलाएं लगभग एक हजार की संख्या ने मिलकर सुबह साढ़े आज बजे प्रभातफेरी निकाली गई, महिलाएं हाथों में बालिका बचाओं, कन्या भ्रूण हत्या बंद करो, महिला अधिकार, महिलाओं पर अत्याचार बंद करो बंद करो जैसे नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थीं। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान वंदे मातरम गाकर की गई। प्रभातफेरी के पश्चात एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण से जुड़े आर्थिक समाजिक राजनैतिक मुद्दों पर चर्चा की गई एवं उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। उक्त कार्यक्रम में ग्राम के वरिष्ठ श्री दयाल सिंह मरावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री सुवेन्दु सिंघा, लोकेशन समन्वयक श्री बलभद्र झारिया, कार्यकर्ता श्री मुकेश चक्रवर्ती, श्री सरोज मरावी, श्री बंशीलाल झारिया, श्री गोविंद झारिया, कु. लक्ष्मी पुषाम, श्री प्रकाश झारिया, श्री अशोक यादव, वैशाखू परस्ते सहित समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे। इसी तरह लोकेशन शहपुरा के ग्राम अमेरा में भी उक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें छह ग्रामों के 14 स्वसहायता समूह से लगभग डेढ़ सौ महिलाएं शामिल हुई। जिसमें श्री यशवंत सोनवानी, लोकेशन समन्वयक द्वारा महिला अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी उपस्थित महिलाओं को प्रदान की गई। कार्यकर्ता कु. रेशमा जायसवाल सहित अन्य ग्रामवासियों ने कार्यक्रम में भागीदारी की।

छः जिलों की सवा लाख गरीब महिलाओं ने शपथ ली हर हाल में शिक्षित होने की

(चित्र जिला डिन्डोरी के कार्यक्रम का है जिसमें जिला कार्यक्रम इकाई के साथ स्वसहायता समूह की महिलाओं ने शपथ ली)
तेजस्विनी कार्यक्रम के अंतर्गत 8 सितंबर विश्व साक्षरता दिवस को महिला शिक्षा जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षा जागरूकता बढ़ाने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं व अन्य ग्रामीण महिलाओं को साक्षरता के प्रति जागरूक करना था । इस अवसर पर तेजस्विनी कार्यक्रम के समूहों से जुड़ी सवा लाख महिलाओं ने संपूर्ण साक्षरता हासिल करने की शपथ ली और इसके साथ ही वे यह भी प्रण लिया कि आज के बाद उनके ग्रामों में कोई भी बालिका स्कूल जाने से नहीं रोकी जायेगी। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से स्वसहायता समूह सदस्यों को जागरूक किया गया वहीं दूसरी ओर ग्रामों में महिला साक्षरता व सशक्तिकरण की जरूरत को भी प्रचारित किया गया। तेजस्विनी कार्यक्रम में साक्षरता के साथ साथ क्रियागत साक्षरता (Functional Literacy) पर जोर दिया जा रहा है। क्रियागत साक्षरता के माध्यम से ग्रामीण महिलायें सेवाओं और संसाधनों तक अपनी पहुँच बनाने में सफल होंगी ऐसी कार्यक्रम की सोच है।

अन्य विभागों से समन्वय - डिन्डोरी जिले में समूहों को लाभ ही लाभ

तेजस्विनी कार्यक्रम के जिला कार्यालय के द्वारा एक अभिनव प्रयोग किया गया है जो अन्य जिलों के लिये प्रेरणा दायक हो सकता है।
जिला डिंडौरी के जिला कार्यालय, एनजीओ व लाइन विभागों के समन्वय से समूहों में जहाँ एक ओर ऊर्जा का संचार हुआ है वहीं दूसरी ओर महिला सशक्तिकरण के लिये शासकीय व गैर शासकीय संस्थाओं के सहयोग ने मिसाल रखी है।अपने भैागौलिक व सामाजिक आर्थिक तथ्यों के आधार पर पिछडे़ जिले डिंडौरी जिले में तेजस्विनी कार्यक्रम 09 लोकेशनों के माध्यम से संचालित हो रहा है। माह जून तक यहाँ कुल 1685 समूहों का निर्माण किया जा चुका है जिनमें कुल 20909महिलाओं को शामिल किया जा चुका है। अब आगे लक्ष्य है इन समूहों को और अधिक सशक्त करना, विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाना और ग्राम पंचायत में इनकी भागीदारी सुनिश्चित करना।
जिला कार्यालय की रणनीति के अनुसार ग्राम स्तर पर ही प्रयास करके इन समूहों को उनके लक्ष्य तक पहुँचने में मदद की जाना तय हुआ। सर्वप्रथम प्रयास किया गया कि एक ग्राम के सारे समूह एक साथ अपनी बैठकें करें और उनमें आपसी समझ बने, जो कि भविष्य में VLC बनाये जाने की दिशा में एक कदम है। कड़े प्रयासों के बाद मिली इसी सफलता का परिणाम है कि लगभग 7323 गरीब ग्रामीण महिलायें आपस में मिल बैठ रहीं हैं और अपने सुख दुख बाँटने के साथ-साथ आगे बढ़ने का साझा रास्ता तलाश रहीं हैं। इन ग्राम बैठकों को तेजस्विनी के 86 में से 38 क्लस्टरों में सफलता पूर्वक संचालित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में अभी सिर्फ 282 समूह निरंतर भाग ले रहे हैं। आगे यह प्रक्रिया सभी तेजस्विनी समूहों के साथ की जायेगी।
इन बैठकों में मोबलाइजरों व समन्वयकों के माध्यम से समूहों को प्रबंधन व महिला मुददों पर जागरूक किया जा रहा है। इन बैठकों की चर्चाओं में महिला हिंसा, महिलाओं की समाज में स्थिति, पारिवारिक समस्यायें, व्यक्तिगत स्वास्थ्य आदि महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
जब समूहों को इन बैठकों का अधिकाधिक लाभ दिलाने , जिला कार्यालय व फील्ड एनजीओस ने रणनीति के तहत इन बैठकों में अन्य विभागों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करना प्रारंभ कर दिया, जिसे इन विभागों ने सहर्ष स्वीकार किया। इससे समूहों की बैठकों में जहाँ अधिक ऊर्जा का संचार हुआ वहीं दूसरी ओर अन्य विभागों से भी बेहतरीन समन्वय स्थापित हुआ। आज इन बैठकों में संपूर्ण स्वच्छता अभियान, उदयानिकी, कृषि, एस.जे.एस.वाई, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा ,ग्रामीण विकास, पंचायत, रोजगार गारंटी योजना, जन अभियान परिषद आदि के प्रतिनिधि भाग लेकर अपना भरपूर योगदान दे रहे हैं।इन बैठकों के माध्यम से जमीनी स्तर पर निम्न त्वरित लाभ दिखाई देने लगे हैं -
-ग्रामों में तेजस्विनी समूहों का आभा मंडल बन रहा है जो कि उनके लिये अनुकूल वातावरण तैयार करेगा।
-अन्य ग्रामीण भी इन बैठकों के माध्यम से महिला मुददों के प्रति जागरूक हो रहे हैं।
-ग्राम पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी सुनिष्चित किया जाने के लिये वातावरण निर्मित होना प्रारंभ हो गया है।
-समूह ग्रामों में दवाव समूहों के रूप में विकसित हो रहे हैं ताकि संसाधनों में उनकी भागीदारी हो सके।
-समूह सदस्यों में सीधे तैार पर स्वाभाविक नेतृत्व व क्षमता विकास
-समूहों का सशक्तिकरण तय हो रहा है।
यह प्रयोग आप भी अपने क्षेत्रों में कर सकते हैं ताकि समूह सदस्यों को अधिकाधिक लाभ प्राप्त हो। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिये जिला कार्यक्रम प्रबंधक डिंडौरी, से संपर्क किया जा सकता है उनका नंबर 9424918211 है।