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हार नहीं होती

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती ।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर सौ-सौ बार फिसलती है ।

मन का विश्वास रंगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना अब न अखरता है ।
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती ।

असफलता एक चुनौती है स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो ।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्षो का मैदान छोड़ मत भागो तुम ।

कुछ किए बिना ही जय-जयकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।
रणमत सिंग यादव,
क्लस्टर- द्वारी
लोकेशन -अमानगंज-1

एक बुन्देलखंडी गीत

कैसो आओ समैया रे, सशक्त हो घर-घर मैया रे ।
गांव-गांव की देख दीनता शासन कियो विचार,
महिलाओं के पिछड़ेपन में, कैसे आये सुधार ।
संग सुधरे लली और छैया रे, सशक्त हो घर-घर मैया रे ।

बना योजना दई शासन ने, महिला सशक्तिकरण
तेजस्विनी परियोजना का निर्धन करें वरण ।
गरीबी दूर हो भैया रे, सशक्त हो घर-घर दी मैया रे ।

निर्धनता, सम्मान, न्याय और आगे करे विकास,
स्वसहायता समूह बनावे को, हो जादा प्रयास ।
पार लगे संकट भैया रे, सशक्त हो घर-घर मैया रे ।

वेदप्रकाश त्रिपाठी, मोबलाइजर
क्लस्टर सथानीय गुन्नौर-1, पन्ना