मध्यप्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं के जरिए धरती संवारने का अभियान

(पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल पर विशेष)

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के तहत प्रदेश में भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ ही हरियालीमय प्रदेश बनाने के कार्य व्यापक पैमाने पर कराए जा रहे हैं। इससे प्रदेश की 17.14 लाख हेक्टेयर भूमि में सुधार हुआ है और 65 लाख फलदार पौधे नंदन फलोद्यान उप योजना के तहत रोपे गये हैं। कपिलधारा और जलाभिषेक अभियान में भी मध्यप्रदेश की धरती को हराभरा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पंचायत, ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने बताया कि पृथ्वी की प्राकृतिक समृद्धि को संरक्षित करने के लिये शासन पूर्णतः सजग है। इसके लिये ग्रामीण विकास की योजनाओं को अवसर के रूप में लेते हुए ऐसे कार्य कराए जा रहे हैं ताकि हमारी प्राकृतिक संपदा संरक्षित हो साथ ही सरल भी हो।

पृथ्वी दिवस के अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने मैदानी अमले को भूमि और जल प्रबंधन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम-.प्र. के अंतर्गत आने वाली गतिविधियां भूमि सुधार-संरक्षण को समर्पित हैं। इससे प्रदेश की पड़त भूमि भी लगातार संवर रही है। भूमि की उत्पादकता बढ़ रही है। इन कार्यों से निश्चित ही भविष्य में सुखद परिणाम आएंगे। भूमि और जल संरक्षण के कार्यों से खेती समृद्ध होगी और खाद्य की सुरक्षा भी बढ़ेगी।

श्री भार्गव ने बताया कि प्रदेश में नंदन फलोद्यान उपयोजना के अंतर्गत 23578 हेक्टेयर क्षेत्र में 65 लाख से ज्यादा फलदार पौधों का रोपण किया गया है। जल संरक्षण के कार्यों के अंतर्गत तालाबों और स्टॉपडेम का निर्माण किया गया है ताकि भूजल के स्तर में सुधार आये। निजी और शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया गया है।

कपिलधारा योजना के अंतर्गत सिंचाई के माध्यम से धरती की नमी बचाने का कार्य जारी है। इससे एक लाख 43 हजार से ज्यादा परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ हुआ है साथ ही उनकी भूमि की हरियाली भी सुनिश्चित हुई है।

जलाभिषेक अभियान के अंतर्गत जलसंरचनाओं के निर्माण, जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने की गतिविधियां संचालित है। धरती का सौंदर्य बढाने वाली नदियों को दोबारा जीवित करने का अभियान शुरू किया गया है। हाल ही में पन्ना जिले की मिढ़ासन नदी और रतलाम जिले की जामढ़ नदी को जीवन देने की शुरूआत हुई है।

महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम-.प्र. की उपयोजनाओं से भूमि का श्रृंगार हो रहा है। कपिलधारा से सिंचाई, नंदन फलोद्यान उपयोजना से फलदार पौधों का रोपण, भूमि-शिल्प उपयोजना से पड़त भूमि को खेती योग्य बनाने का कार्य, शैल पर्ण उपयोजना में पहाड़ियों और टीलों का उपचार, सहस्त्र धारा उपयोजना में खेतों को पानी देने के कार्य जारी है। इसके अलावा नदी-नालों पर श्रृंखलाबद्ध जल सरंचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।


मनोज पाठक

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